लोकसभा चुनाव के बाद हताश कांग्रेस पार्टी में प्रियंका गांधी ने भरी नई ताकत
लोकसभा चुनाव में भारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी एकदम से टूट चुकी थी। शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े करने के बाद राहुल गांधी जैसे अनुभवी नेता ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। राहुल गांधी के इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व बिल्कुल से बिखर सा गया था। कोई भी बड़ा नेता कांग्रेस पार्टी में पुराना दमखम भरने के लिए आगे नहीं आ रहा था। ऐसे में हाल ही में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हुई 10 आदिवासियों की हत्या के बाद प्रियंका गांधी द्वारा उठाया गया कदम हताश कांग्रेस पार्टी में एक नई ऊर्जा भरने का काम कर रहा है। प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में हुए इस वीभत्स हादसे के बाद पीड़ितों से मिलने सोनभद्र जा रही थीं। मगर नारायणपुर में ही पुलिस ने उन्हें रोककर आगे जाने से मना कर दिया। जिसके बाद प्रियंका गांधी धरने पर बैठ गयीं।
इंदिरा गांधी के नक्शे कदम पर चलती नजर आई प्रियंका गांधी
हाल ही में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एक बहुत ही भयानक घटना घटी जिसमें 10 आदिवासियों की हत्या कर दी गई। इसी मामले को लेकर प्रियंका गांधी शुक्रवार को सोनभद्र पीड़ितों से मिलने के लिए जा रही थीं। मगर पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रियंका गांधी को नारायणपुर में रोक लिया और बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस में ले जाकर नजरबंद कर दिया। अपने रोके जाने के बाद प्रियंका गांधी सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। जिसके बाद पूरी कांग्रेस पार्टी एक बार फिर से सक्रिय हो गई महासचिव केसी वेणुगोपाल राव ने देशभर में कार्यकर्ताओं और नेताओं को यह निर्देश दिया कि वह इस घटना के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन करें।
प्रियंका गांधी का यह कदम बिल्कुल इंदिरा गांधी जैसा था। दरअसल बेलछी कांड के दौरान इंदिरा गांधी ने भी प्रशासन के लाख मना करने के बाद भी पीड़ितों से मिलने की इच्छा जताई थी और बाद में सड़क पर ही धरने पर बैठ गई थीं। प्रियंका के इस घटना के बाद उनमें बिल्कुल इंदिरा गांधी की छवि नजर आई। कांग्रेस एक बार फिर से सक्रिय होती दिखाई पड़ रही है। इस घटना के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर मनमानी करने का भी आरोप लगाया।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



